फतेहाबाद जिले के टोहाना में वनभूमि से 18 हरे पेड़ काटे जाने का मामला लगातार गरमाता जा रहा है। समाजसेवी नवजोत ढिल्लो की शिकायत के बाद वन विभाग ने आरा मशीन संचालक प्रिंस चावला और दो अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। अब आरोपी प्रिंस चावला ने जिला वन अधिकारी की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए वन विभाग के अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। प्रिंस का कहना है कि उन्होंने केवल लेबर उपलब्ध कराई थी और पेड़ कटाई में उनकी सीधी भूमिका नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि वन दरोगा सुरेंद्र चोपड़ा ट्रैक्टर और मजदूर लेकर गए थे। प्रिंस ने कहा कि उनके पास व्हाट्सएप कॉल रिकॉर्डिंग जैसे सबूत मौजूद हैं। उनका आरोप है कि अधिकारियों को बचाने के लिए उन्हें मामले में फंसाया जा रहा है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है। प्रिंस ने यह भी आरोप लगाया कि पकड़े गए ट्रैक्टर को पैसे लेकर बदल दिया गया। पुलिस ने वन दरोगा की शिकायत पर तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले को अन्य वन विभाग विवादों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। इस घटनाक्रम के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
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