पंजाब में सेवा केंद्र कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल शुरू कर दी है, जिसके चलते पठानकोट में भी कामकाज पूरी तरह ठप रहा। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए लंबित मांगों पर ध्यान न देने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि लंबे समय से मांग पत्र देने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला है। कर्मचारियों का आरोप है कि कम वेतन में उनसे अधिक काम लिया जा रहा है और जिम्मेदारियां लगातार बढ़ाई जा रही हैं। उन्होंने मांग की है कि सेवा केंद्र कर्मचारियों का वेतन बढ़ाकर 40 हजार रुपये प्रति माह किया जाए। साथ ही सभी कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने की भी मांग रखी गई है। कर्मचारियों ने ‘समान काम के लिए समान वेतन’ नीति लागू करने की मांग उठाई है। इसके अलावा 1948 लेबर एक्ट को पूरी तरह लागू करने की अपील की गई है। उन्होंने सेवानिवृत्ति के बाद 50 लाख रुपये मुआवजा देने और नौकरी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी की। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि संघर्ष और अधिक उग्र हो सकता है।
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