छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की बिल्हा शाखा में 2 करोड़ 6 लाख 37 हजार रुपये की बड़ी वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने इस मामले में आरोपी कैशियर तेजवथ थीरापतम्मा के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश की है। जांच में सामने आया कि आरोपी ने बैंक के रिकॉर्ड और खातों में फर्जी एंट्री कर सरकारी धन का गबन किया। यह घटना 19 दिसंबर 2024 से 2 जनवरी 2025 के बीच हुई, जिसमें लगातार 14-15 दिनों तक फर्जी लेनदेन किए गए। आरोप है कि बैंक के इंटरनल सिस्टम में हेराफेरी कर राशि को अलग-अलग थर्ड पार्टी खातों में RTGS के जरिए ट्रांसफर किया गया। जांच एजेंसी को यह भी पता चला कि कुछ खातों का गलत इस्तेमाल कर पैसों को दूसरे राज्यों के बैंक खातों में भेजा गया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि उसे टेलीग्राम पर एक कथित फाइनेंशियल ऑफिसर ने निवेश का लालच दिया था। इसी झांसे में आकर उसने बैंक की राशि ट्रांसफर करना स्वीकार किया। ब्रांच मैनेजर की शिकायत के बाद मामला सामने आया और ACB ने जांच शुरू की। आरोपी 8 महीने तक फरार रही थी। एजेंसी ने उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं में केस दर्ज किया है। फिलहाल कोर्ट में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है, लेकिन जांच अभी जारी है। थर्ड पार्टी खातों और अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई गई है।
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