अंबिकापुर शहर में पिछले 15 वर्षों से चल रहे साप्ताहिक गीता पाठ का आयोजन महामना मालवीय मिशन सरगुजा के तत्वावधान में मिशन के कोषाध्यक्ष प्रकाश कश्यप के निवास पर किया गया। इस अवसर पर हनुमान चालीसा का पाठ और गीता के 18वें अध्याय ‘मोक्ष संन्यास योग’ का पाठ किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने इस अध्याय के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। दुर्गा प्रसाद तिवारी ने बताया कि यह गीता का अंतिम और सबसे विस्तृत अध्याय है, जिसमें कर्म, ज्ञान, त्याग, संन्यास और भक्ति के रहस्यों को स्पष्ट किया गया है। सुनील दत्त पांडेय ने कहा कि मोक्ष का मार्ग कर्म से भागना नहीं, बल्कि निष्काम भाव से कर्तव्य निभाना है। राजकुमार गुप्ता ने संन्यास और त्याग के अंतर को समझाया। कार्यक्रम का संचालन राजनारायण दिवेदी ने किया और आभार प्रदर्शन दुर्गा प्रसाद तिवारी ने किया। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। पेंशनर्स समाज के जय प्रकाश चौबे ने स्वधर्म और कर्तव्य के महत्व पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि गीता का संदेश आज के समय में भी अत्यंत प्रासंगिक है, जो तनाव और असंतोष से मुक्ति का मार्ग दिखाता है।
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