हरियाणा के नूंह जिले में बिना मान्यता और अनुमति के चल रहे निजी अस्पतालों और क्लीनिकों पर स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। लगातार सामने आ रही लापरवाही और गलत इलाज की शिकायतों के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। नूंह के एसएमओ डॉ. कपिल देव ने बताया कि अवैध रूप से संचालित अस्पतालों की पहचान कर ली गई है। जल्द ही विशेष जांच अभियान चलाकर लाइसेंस, मान्यता, प्रशिक्षित स्टाफ और स्वास्थ्य सुविधाओं की जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन मिलने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। हाल ही में फिरोजपुर झिरका क्षेत्र में एक जच्चा-बच्चा अस्पताल को कथित अवैध गर्भपात के आरोप में सील किया गया था। इसके बाद जिले के कई निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे। पुनहाना, तावडू और फिरोजपुर झिरका में गलत ऑपरेशन और इलाज के दौरान मरीजों की मौत के मामले भी सामने आ चुके हैं। जांच में यह भी सामने आया कि कई अस्पताल दमकल विभाग की एनओसी के बिना संचालित हो रहे हैं। अस्पतालों में फायर सेफ्टी सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट और अग्निशमन उपकरणों की भारी कमी बताई गई है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसी लापरवाही मरीजों की जान के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया कि मरीजों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। लोगों से अपील की गई है कि इलाज से पहले अस्पताल की मान्यता और डॉक्टरों की योग्यता की जांच जरूर करें। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में जिले में बड़े स्तर पर कार्रवाई हो सकती है।
Source: Source