भारत की पहली महिला यूएफसी फाइटर पूजा तोमर अपने करियर की सबसे अहम लड़ाई के लिए तैयार हैं। वह मकाऊ में होने वाले अपने तीसरे यूएफसी मुकाबले में चीन की फाइटर शी मिंग से भिड़ेंगी। 32 वर्षीय पूजा के लिए यह मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जीत उनके करियर की रफ्तार बनाए रखने और भविष्य के अवसरों को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभा सकती है। पूजा तोमर ने भारतीय एमएमए को नई पहचान दिलाने में अहम योगदान दिया है। उत्तर प्रदेश के बुधाना की रहने वाली पूजा ने अपने संघर्ष और मेहनत से अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच बनाई। उनकी सफलता से भारत में एमएमए खेल को नई लोकप्रियता मिली है। युवा खिलाड़ी अब इस खेल को गंभीरता से अपनाने लगे हैं। पूजा का सपना है कि भारत में भी एमएमए को आईपीएल जैसी बड़ी पहचान मिले। उनका मानना है कि देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। सही मंच और निवेश मिलने पर भारतीय फाइटर्स दुनिया में बड़ा नाम कमा सकते हैं। यूएफसी में लगातार मुकाबले करना उनके लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। फैंस को उम्मीद है कि पूजा इस मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करेंगी। यह लड़ाई भारतीय एमएमए के भविष्य के लिए भी अहम मानी जा रही है।
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