भारत में भीषण गर्मी की लहरें चल रही हैं, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा पर असर पड़ रहा है। विशेषज्ञ बताते हैं कि बच्चे गर्मी के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं और माता-पिता तथा स्कूलों को सुरक्षात्मक उपाय करने चाहिए। स्कूल के समय को बदलने, पर्याप्त पानी पिलाने और ठंडे स्थानों तक पहुंच सुनिश्चित करने जैसे सक्रिय कदम उठाने से बच्चों को गर्मी से बचाया जा सकता है और दीर्घकालिक परिणामों को रोका जा सकता है। बच्चों का स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों ही महत्वपूर्ण हैं और इन्हें सुरक्षित रखने के लिए हमें तत्काल कदम उठाने होंगे। गर्मी की लहरें हर साल बढ़ रही हैं और इसके प्रभाव को कम करने के लिए हमें मिलकर काम करना होगा।
Source: Source