ओडिशा के कटक में एक स्थानीय अदालत ने अल-कायदा संदिग्ध अब्दुल रहमान को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। यह फैसला लगभग 11 साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आया। कटक की अदालत ने इस मामले में बड़ा फैसला सुनाया। अब्दुल रहमान पर आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप था। लेकिन अदालत को उन पर लगे आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले। इस फैसले के बाद अब्दुल रहमान को रिहा कर दिया गया। अल-कायदा संदिग्ध की रिहाई के बाद ओडिशा पुलिस ने कहा कि वे इस फैसले की समीक्षा करेंगे। अब्दुल रहमान के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल को न्याय मिला है। यह मामला ओडिशा के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मामला है।
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