ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की प्रदेशव्यापी हड़ताल 10वें दिन भी जारी रही। नरवाना की कपास मंडी में 2 दिवसीय महापड़ाव शुरू किया गया। इसमें प्रदेशभर से हजारों ग्रामीण सफाई कर्मचारी शामिल हुए। कर्मचारी नेताओं ने बताया कि पिछले 19 वर्षों से अस्थायी तौर पर काम कर रहे ग्रामीण सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री, पंचायत मंत्री और विभागीय अधिकारियों को कई बार मांग पत्र भेजे गए, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। कर्मचारियों की प्रमुख मांगें हाईकोर्ट के आदेश को लागू करना, सभी ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को स्थायी करना और औजार भत्ते को बढ़ाना शामिल है। नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि 25 मई दोपहर 2 बजे तक उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो मंत्री कार्यालय का घेराव किया जाएगा। इस आंदोलन को सीटू, किसान सभा और कई अन्य कर्मचारी संगठनों का समर्थन प्राप्त है। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि वे अपनी मांगों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। मंत्री कृष्ण बेदी को एक सप्ताह पहले ज्ञापन सौंपा गया था।
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