सोमवार को भारतीय रुपया मजबूत हुआ और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 2 हफ्ते के ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। यह रिकवरी कई कारकों पर आधारित है। रुपये की मजबूती के पीछे कई फैक्टर्स हैं। भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार और विदेशी निवेश में वृद्धि से रुपया मजबूत हुआ है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर में सुधार हुआ है। रुपये की मजबूती से आयात महंगा हो सकता है। जबकि निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। रुपये की विनिमय दर में उतार-चढ़ाव का असर अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत होने से देश की अर्थव्यवस्था को फायदा हो सकता है।
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