पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष परगट सिंह ने शनिवार को जालंधर के कुक्कड़ पिंड स्थित दाना मंडी का दौरा कर धान खरीद और मंडी की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर धान खरीद में करीब 1,000 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया और मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस्तीफे की मांग की। परगट सिंह ने दावा किया कि खरीद संबंधी नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है और कई जगह केवल एक ही राइस मिल निर्धारित की गई है, जबकि नियमानुसार दो एजेंसियां होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने राइस मिलों के साथ सीधे समझौते किए हैं और किसानों तथा आढ़तियों से प्रति कट्टा 200 रुपये तक की कटौती की जा रही है। उनके मुताबिक, इस व्यवस्था के कारण पूरे पंजाब में करीब 1,000 करोड़ रुपये की कथित वसूली हो रही है। कांग्रेस नेता ने कहा कि अच्छी फसल होने के बावजूद सरकार ने खरीद व्यवस्था के लिए पर्याप्त अग्रिम प्रबंध नहीं किए। उन्होंने राज्य में कर्मचारियों और अन्य लोगों के विरोध प्रदर्शनों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री के नेतृत्व पर सवाल उठाए। परगट सिंह ने परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड का जिक्र करते हुए पुलिस और सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि आपराधिक मामलों का सामना कर रहे एक व्यक्ति को तीन महीने के भीतर हथियार का लाइसेंस जारी किया गया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि हत्या के बाद इलाके के 10 मेडिकल लाइसेंस रद्द किए जाने से नशीली दवाओं की बिक्री पर सरकारी नियंत्रण को लेकर सवाल उठते हैं। कांग्रेस नेता ने राज्य सरकार पर विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष को पर्याप्त अवसर नहीं देने का आरोप भी लगाया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब में एनडीए सरकार बनने संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने राज्य में नशे और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल की भी आलोचना की और कृषि कानूनों के समर्थन को लेकर उन पर निशाना साधा। धान खरीद में कथित घोटाले और अन्य आरोपों पर सरकार की प्रतिक्रिया तथा आधिकारिक जांच से ही इन दावों की पुष्टि हो सकेगी।
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