पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा है कि वह परविंदर सिंह झोटा की मौत का मामला 22 अक्टूबर से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में उठाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की है। बाजवा ने बुधवार को बठिंडा में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पंजाब सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने मानसा के नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की मौत को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है। उनके मुताबिक, पुलिस अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में नाकाम रही है। बाजवा ने आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी को एक ही सिक्के के दो पहलू बताते हुए आरोप लगाया कि दोनों दल नशे के मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले पौने पांच वर्षों में पंजाब में नशे के कारण हजारों युवाओं की मौत हुई है और इसके लिए राज्य सरकार को जवाबदेह होना चाहिए। उन्होंने झोटा की मौत के बाद मुख्यमंत्री के विदेश दौरे पर भी सवाल उठाए और पीड़ित परिवार के प्रति सरकार की संवेदनशीलता पर चिंता जताई। बाजवा ने आरोप लगाया कि पंजाब में गैंगस्टरों का प्रभाव बढ़ रहा है और उनका इस्तेमाल चुनावों में भी किया जा रहा है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे और नशे के खिलाफ केंद्र सरकार के प्रयासों पर भी सवाल उठाए। बाजवा ने कहा कि केंद्र के पास NIA, NCB और BSF जैसी एजेंसियां होने के बावजूद सीमा पार से ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी जारी है। उन्होंने मुंद्रा बंदरगाह के जरिए नशीले पदार्थों की कथित तस्करी का मुद्दा उठाते हुए केंद्र की जवाबदेही पर जोर दिया। उन्होंने सवाल किया कि जब केंद्र में भाजपा की सरकार है, तो पंजाब में भाजपा सरकार बनने के बाद ही नशा खत्म करने का दावा क्यों किया जा रहा है। बाजवा ने कहा कि पंजाब में अपराध और नशे की समस्या से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
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