जोहो के संस्थापक श्रीधर वेम्बू ने टेक कंपनियों में जारी छंटनी के बीच कर्मचारियों को बनाए रखने की अपनी कंपनी की नीति पर जोर दिया है। उन्होंने यह प्रतिक्रिया प्रतिद्वंद्वी सॉफ्टवेयर कंपनी BendingSpoons के एक शीर्ष अधिकारी की छंटनी संबंधी पोस्ट के जवाब में दी। हाल ही में Airtable में कर्मचारियों की छंटनी की खबरों के बाद यह मुद्दा चर्चा में आया है। वेम्बू ने कहा कि जोहो ने कर्मचारियों की छंटनी करने का रास्ता नहीं अपनाया है। कंपनी इसके बजाय कर्मचारियों को नई तकनीकों के अनुरूप तैयार करने पर ध्यान देती है। उन्होंने विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI से जुड़ी क्षमताओं को विकसित करने की जरूरत पर जोर दिया। कंपनी कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के बजाय उन्हें दोबारा प्रशिक्षित करने की नीति को प्राथमिकता देती है। इससे कर्मचारियों को बदलती तकनीकी जरूरतों के अनुसार अपनी भूमिका विकसित करने का अवसर मिल सकता है। वेम्बू ने माना कि डेटा सेंटर और AI से जुड़ी लागत लगातार बढ़ रही है। इन बढ़ती लागतों के कारण टेक कंपनियों पर आर्थिक दबाव भी बढ़ रहा है। इसके बावजूद उनका मानना है कि कर्मचारियों के प्रबंधन के अलग-अलग तरीकों की वास्तविक प्रभावशीलता समय के साथ सामने आएगी। उन्होंने संकेत दिया कि वर्ष 2030 तक यह स्पष्ट हो सकता है कि कौन-सी रणनीति अधिक सफल रही। जोहो की नीति कर्मचारियों को बनाए रखने और तकनीकी बदलावों के लिए उन्हें तैयार करने पर केंद्रित है।
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