वसई-विरार नगर निगम में भाजपा के गुटनेता अशोक शेळके ने गणेशोत्सव से जुड़े काम गैर-हिंदू ठेकेदारों को नहीं देने की मांग की। उन्होंने नगर निगम आयुक्त पृथ्वीराज बी.पी. को पत्र लिखकर यह अनुरोध किया। शेळके ने मंडप, कृत्रिम विसर्जन तालाब, विसर्जन मार्ग पर बैरिकेडिंग और रोशनी जैसे कामों का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि नगर निगम के कई ठेकेदार गैर-हिंदू हैं। उन्होंने कुछ ठेकेदारों पर त्योहार के दौरान मांसाहारी भोजन करने का आरोप भी लगाया। शेळके ने कहा कि इससे उनके अनुसार धार्मिक भावनाओं और त्योहार की पवित्रता प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर नगर निगम को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़े, फिर भी ऐसे काम गैर-हिंदू ठेकेदारों को नहीं दिए जाने चाहिए। उनकी मांग के बाद वसई-विरार के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में विवाद शुरू हुआ। विभिन्न विपक्षी दलों ने इस मांग का विरोध किया और इसे लेकर आपत्तियां जताईं। कांग्रेस की स्थानीय इकाई ने शेळके के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की। वहीं नगर निगम आयुक्त पृथ्वीराज बी.पी. ने स्पष्ट किया कि ठेके कानून के अनुसार ही दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कानून के दायरे से बाहर की किसी मांग को लागू नहीं किया जाएगा। मामले ने सार्वजनिक ठेकों में धार्मिक पहचान के आधार पर चयन को लेकर बहस छेड़ दी है। यह घटनाक्रम 10-11 सितंबर 2026 की प्रकाशित रिपोर्टों पर आधारित है।
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