फुकेत-दिल्ली एयर इंडिया फ्लाइट के एक पायलट के ड्रग टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने के बाद विमानन सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। इसके बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने पायलटों की ड्रग टेस्टिंग को लेकर बड़ा फैसला लिया है। देशभर में करीब 14 हजार पायलटों की ड्रग टेस्टिंग की जाएगी। इस जांच का उद्देश्य विमान संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों को मजबूत करना है। पायलटों के ड्रग टेस्ट के जरिए प्रतिबंधित पदार्थों के इस्तेमाल की जांच की जाएगी। टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने वाले पायलटों पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। कार्रवाई में उनके लाइसेंस पर भी असर पड़ सकता है। DGCA विमानन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों की निगरानी करता है। पायलटों की फिटनेस और ड्यूटी के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करना इस प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हालिया मामले के बाद ड्रग टेस्टिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। देशभर के पायलटों को इस जांच प्रक्रिया के दायरे में लाया जाएगा। DGCA के फैसले का उद्देश्य विमानन सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना है।
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