डेटा के अनुसार, घातक हादसे से पहले एक पायलट ने दूसरे को विमान की अत्यधिक तेज रफ्तार के बारे में चेतावनी दी थी। उस समय विमान की गति को लेकर चिंता जताई गई थी। चेतावनी के बावजूद दूसरे पायलट की प्रतिक्रिया असमान रही। इसी दौरान विमान में चेतावनी संकेत और अलार्म भी बज रहे थे। हादसे से पहले चालक दल को विमान की स्थिति से जुड़े संकेत मिल रहे थे। उपलब्ध डेटा से घटना से पहले की परिस्थितियों की जानकारी सामने आई है। विमान की तेज गति दुर्घटना से पहले चर्चा का विषय बनी थी। एक पायलट ने स्थिति पर दूसरे पायलट का ध्यान आकर्षित किया था। इसके बावजूद विमान की स्थिति में सुधार नहीं हो सका। बाद में विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में जानमाल का नुकसान हुआ। दुर्घटना से जुड़े डेटा के आधार पर घटना से पहले के घटनाक्रम की जांच की जा रही है।
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