दिल्ली में BRICS सम्मेलन के दौरान कई देशों के प्रमुख नेताओं और प्रतिनिधियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। सम्मेलन में सदस्य देशों के बीच विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। भारत BRICS को प्रभावी बहुपक्षीय मंच के रूप में आगे बढ़ाने पर जोर दे रहा है। तेजी से बदलती वैश्विक व्यवस्था के बीच सदस्य देशों के सहयोग को मजबूत करना सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य है। BRICS में आर्थिक और राजनीतिक सहयोग से जुड़े विषयों पर भी चर्चा होती है। इस सम्मेलन में शामिल होने वाले विदेशी नेताओं पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर बनी हुई है। सदस्य देश वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार और विकास से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श कर सकते हैं। बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों के बीच इस बार के सम्मेलन का महत्व बढ़ गया है। भारत सदस्य देशों के बीच सहयोग और समन्वय को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। सम्मेलन में वैश्विक दक्षिण से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता मिलने की संभावना है। अलग-अलग देशों के नेताओं की मौजूदगी से उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बातचीत के अवसर भी बन सकते हैं। सम्मेलन के दौरान BRICS के भविष्य और इसकी भूमिका को लेकर भी चर्चा हो सकती है।
Source: Source