बठिंडा नगर निगम के प्रीमिक्स और इंटरलॉकिंग टाइलों के टेंडरों को लेकर विवाद सामने आया है। नगर निगम के मेयर पदमजीत सिंह मेहता ने बुधवार को मामले में अपना पक्ष रखा। उन्होंने छोटे ठेकेदारों को काम से बाहर करने के आरोपों को गलतफहमी बताया। मेयर के अनुसार, निगम ने पहले करीब 3.96 करोड़ रुपये के काम फेयरडील कंस्ट्रक्शन और सरां कंस्ट्रक्शन को दिए थे। उनके मुताबिक, दोनों कंपनियों के कार्यों में करीब 350 से 400 दिनों की देरी हुई। मेयर ने दावा किया कि इन कार्यों के लिए निगम को करीब 5.33 करोड़ रुपये का भुगतान करना पड़ा। उन्होंने इससे निगम पर करीब 1.36 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ने का दावा किया। मेयर के अनुसार, करीब 20 कार्यों में हुई देरी का असर शहरवासियों को मिलने वाली सुविधाओं पर पड़ा। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में देरी से सरकारी धन पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ता है। मेयर ने दावा किया कि इसी वजह से दोनों कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया गया है। नगर निगम की ओर से फेयरडील कंस्ट्रक्शन और सरां कंस्ट्रक्शन को ब्लैकलिस्ट करने के आदेश जारी किए गए हैं। मामले में निगम के टेंडर, काम में हुई देरी और वित्तीय नुकसान से जुड़े दावों को लेकर विवाद जारी है।
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