श्रुति घोलप ने हालिया बातचीत में कलाकारों के सामने आने वाली करियर चुनौतियों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि अभिनेताओं के लिए पूरे करियर में दमदार और महत्वपूर्ण भूमिकाएं पाना आसान नहीं होता। उनके मुताबिक, कलाकारों को लगातार नए अवसरों की तलाश करनी पड़ती है। घोलप ने टेलीविजन और ओटीटी प्लेटफॉर्म के बढ़ते प्रभाव का भी जिक्र किया। इन प्लेटफॉर्म्स ने दर्शकों के कंटेंट देखने के तरीके को बदल दिया है। इसके साथ ही अभिनय के क्षेत्र में काम करने के अवसरों का स्वरूप भी बदला है। घोलप ने सोशल मीडिया की लोकप्रियता और अभिनय प्रतिभा के बीच अंतर स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रभाव या फॉलोअर्स किसी कलाकार की वास्तविक प्रतिभा का पैमाना नहीं हैं। उनके अनुसार, अभिनेता की विशेषज्ञता और क्षमता का आकलन उसके काम से किया जाना चाहिए। घोलप ने अपने करियर को किसी एक तरह की भूमिका तक सीमित नहीं रखने की बात कही। वह अलग-अलग तरह के किरदार और अवसर तलाशने में विश्वास रखती हैं।
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