रेवाड़ी में बाजरा की सरकारी खरीद शुरू नहीं होने से किसानों में नाराजगी बढ़ गई है। भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के नेताओं ने शुक्रवार को सीटीएम जितेंद्र कुमार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बाजरा की एमएसपी पर सरकारी खरीद जल्द शुरू कराने की मांग की गई। किसान नेताओं के अनुसार रेवाड़ी अनाज मंडी में बाजरा की आवक शुरू हो चुकी है। इसके बावजूद निजी व्यापारी किसानों से 2,000 से 2,100 रुपए प्रति क्विंटल के भाव पर बाजरा खरीद रहे हैं। बाजरा का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,900 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित है। इस तरह किसानों को प्रति क्विंटल करीब 800 से 900 रुपए तक नुकसान हो रहा है। यूनियन ने सरकार के एमएसपी पर खरीद के दावों पर सवाल उठाए हैं। किसान नेताओं ने कहा कि बाजरा उत्पादकों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसान इस बार भावांतर योजना का सहारा नहीं लेंगे। यूनियन ने सरकार को 20 सितंबर तक सरकारी खरीद शुरू करने का समय दिया है। मांग पूरी नहीं होने पर 21 सितंबर से रेवाड़ी अनाज मंडी के गेट पर तालाबंदी की चेतावनी दी गई है। जिला प्रधान समय सिंह ने ज्ञापन को सरकार के लिए चेतावनी पत्र बताया। उन्होंने किसानों से बाजरा कम कीमत पर नहीं बेचने की अपील की। किसान नेताओं ने कहा कि वे एमएसपी पर खरीद सुनिश्चित कराने के लिए आंदोलन जारी रखेंगे।
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