मध्य प्रदेश के सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद प्रशासन ने अवैध शराब के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। मंडला जिले में नर्मदा नदी के किनारे कच्ची शराब बनाने और बेचने वालों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान 150 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस और प्रशासन की टीमों ने कई स्थानों पर छापेमारी की। कार्रवाई में कच्ची शराब बनाने के लिए तैयार किया गया हजारों लीटर लहान नष्ट किया गया। अवैध शराब के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को भी नष्ट किया गया। अधिकारियों ने शराब माफिया और अवैध कारोबार से जुड़े लोगों पर शिकंजा कसने की कोशिश की है। सागर की जहरीली शराब त्रासदी के बाद प्रशासन अवैध शराब के खतरों को लेकर गंभीर नजर आ रहा है। नर्मदा किनारे लंबे समय से चल रहे कच्ची शराब के कारोबार पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। अभियान का उद्देश्य जहरीली शराब की बिक्री और उसके सेवन से होने वाली घटनाओं को रोकना है। पुलिस ने अवैध शराब बनाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रखने की बात कही है। ग्रामीण और नदी किनारे के क्षेत्रों में भी टीमों द्वारा जांच की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अवैध शराब के कारोबार की सूचना देने की अपील की है। कार्रवाई के बाद अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति है। अधिकारियों का कहना है कि अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
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