शिमला जिले के रामपुर विकास खंड में नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों का चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। प्रशिक्षण शिविर 10 सितंबर तक चलेगा। पहले चरण में पंद्रहबीश क्षेत्र की सात ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधि इसमें हिस्सा ले रहे हैं। इनमें सरपारा, लबाना सदाना, गानवी, फांचा, जघोरी, क्याव और कूट पंचायत शामिल हैं। कार्यक्रम का उद्घाटन सहायक आयुक्त विकास एवं खंड विकास अधिकारी रामपुर अंकुश कुमार ने किया। उन्होंने ग्रामीण विकास में पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पंचायतों ने लंबे समय से ग्रामीण प्रशासन और स्थानीय व्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दिया है। 73वें संविधान संशोधन के बाद पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा मिला। इसके बाद प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था लागू हुई। ग्राम पंचायतों को विकास के साथ प्रशासनिक और न्यायिक जिम्मेदारियां भी दी गई हैं। प्रशिक्षण के पहले दिन हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम 1994 के प्रावधानों और महत्व की जानकारी दी गई। प्रतिनिधियों को ग्राम सभा के कामकाज और ग्राम पंचायत के संचालन की प्रक्रिया समझाई गई। प्रधान और उपप्रधान की शक्तियों तथा अधिकारों पर भी प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिनिधियों को पंचायत संचालन और ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सक्षम बनाना है।
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