BITS Pilani में कतार प्रबंधन पर आधारित एक क्लासरूम प्रोजेक्ट ने आगे चलकर स्टार्टअप का रूप ले लिया। यह तकनीकी समाधान अब देशभर के फ्यूल स्टेशनों पर इस्तेमाल किया जा रहा है। इस सफर में प्रोफेसर विनय चमोला की व्यावहारिक शिक्षा और नवाचार पर जोर अहम रहा। उन्होंने छात्रों को कक्षा में सीखी अवधारणाओं को वास्तविक समस्याओं से जोड़ने के लिए प्रेरित किया। उनके मार्गदर्शन में छात्रों ने एक अकादमिक विचार को व्यावहारिक समाधान में बदला। यह पहल बताती है कि अनुभव आधारित शिक्षा किस तरह उद्यमिता को बढ़ावा दे सकती है। प्रोफेसर चमोला ने IoT, AI, ड्रोन और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भी योगदान दिया है। वह छात्रों को स्टार्टअप शुरू करने और नए विचारों को विकसित करने में मार्गदर्शन देते रहे हैं। शिक्षा और तकनीक के बीच उनके काम ने कई छात्रों को नवाचार के लिए प्रेरित किया है। उनके योगदान को देखते हुए उन्हें National Award for Teachers 2026 से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान है। क्लासरूम से शुरू हुई यह परियोजना अब बड़े पैमाने पर वास्तविक दुनिया में उपयोग हो रही है। इससे छात्रों के अकादमिक विचारों को व्यावसायिक समाधान में बदलने की संभावनाएं भी सामने आती हैं। यह यात्रा उच्च शिक्षा में नवाचार, प्रयोग और उद्यमिता के महत्व को रेखांकित करती है।
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