भारतीय रुपया मंगलवार सुबह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर रहा। कारोबार की शुरुआत में रुपया गिरावट के साथ खुला। इसके बाद इसमें लगातार कमजोरी देखने को मिली। डॉलर के मुकाबले रुपया 10 पैसे गिरकर 94.66 के स्तर पर पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने रुपये पर दबाव बढ़ाया। कच्चा तेल करीब 98 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गया है। मध्य पूर्व में जारी तनाव ने भी निवेशकों की धारणा प्रभावित की। विदेशी मुद्रा विशेषज्ञों के अनुसार, रुपये की चाल सीमित रहने में भारतीय रिजर्व बैंक के डॉलर हस्तक्षेप की भूमिका रही। बाजार की नजर अब अमेरिका और भारत के आगामी CPI आंकड़ों पर है। निवेशक महंगाई के आंकड़ों से मिलने वाले संकेतों का इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व की FOMC बैठक भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेगी। आने वाले आंकड़ों और नीतिगत संकेतों से रुपये की दिशा तय होने की उम्मीद है।
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