कोंडागांव जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष स्क्रीनिंग और सर्वे अभियान चलाया। यह अभियान 18 अगस्त से 6 सितंबर तक पंचायत और वार्ड स्तर पर संचालित हुआ। इस दौरान 678 संभावित टीबी मरीजों की जांच की गई। जांच में 7 लोगों में टीबी की पुष्टि हुई। सभी संक्रमित मरीजों का इलाज शुरू कर दिया गया है। अभियान का उद्देश्य टीबी के संभावित मरीजों की जल्द पहचान कर समय पर उपचार उपलब्ध कराना था। लक्षण वाले लोगों की सामान्य जांच के तहत 126 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। वहीं सर्वे के माध्यम से 545 लोगों की जांच की गई। स्वास्थ्य विभाग ऐसे लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है जो लक्षण होने के बावजूद अस्पताल नहीं पहुंच पाते। पंचायत और वार्ड स्तर पर संदिग्ध मरीजों की पहचान कर उन्हें स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाया जा रहा है। राज्य सरकार ने टीबी मुक्त पंचायत-वार्ड अभियान के लिए विश्रामपुरी विकासखंड को चुना है। यहां मितानिनों और मितानिन प्रशिक्षकों को मरीजों की पहचान के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में टीबी के लक्षणों और संदिग्ध मरीजों को जांच व इलाज तक पहुंचाने की जानकारी दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग को उम्मीद है कि जमीनी स्तर पर इस अभियान से टीबी उन्मूलन की मुहिम और मजबूत होगी।
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