डेनमार्क में हुए एक हालिया अध्ययन में स्टैटिन दवाओं और डिमेंशिया के जोखिम के बीच संभावित संबंध सामने आया है। शोध के अनुसार, स्टैटिन लेने से डिमेंशिया का खतरा लगभग 15 प्रतिशत तक कम हो सकता है। अध्ययन में मधुमेह से पीड़ित 1,32,000 से अधिक लोगों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। शोधकर्ताओं ने मधुमेह की पहचान के बाद जल्द स्टैटिन उपचार शुरू करने के संभावित लाभों का आकलन किया। शुरुआती उपचार लेने वालों में डिमेंशिया के जोखिम में अधिक कमी देखी गई। स्टैटिन आमतौर पर मधुमेह से पीड़ित लोगों में हृदय संबंधी जोखिम कम करने के लिए दी जाती हैं। हालांकि, अध्ययन ने दवा के डिमेंशिया पर प्रभाव को लेकर एक संभावित अतिरिक्त लाभ का संकेत दिया है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, इन निष्कर्षों की पुष्टि के लिए आगे और अध्ययन जरूरी हैं। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि स्टैटिन सीधे तौर पर डिमेंशिया से बचाव करती हैं या नहीं। विशेषज्ञों को इसके प्रभाव और संभावित कारणों को समझने के लिए अधिक शोध की आवश्यकता है।
Source: Source