शिमला के बालूगंज और चक्कर-टूटू के बीच ग्रीन बेल्ट में कथित अवैध निर्माण पर हिमाचल हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। चक्कर निवासी वाईआर डडवाल के पत्र पर अदालत ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया। कोर्ट ने हिमाचल सरकार और संबंधित विभागों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अदालत के सामने पेड़ काटकर और कथित वन भूमि पर कब्जा कर निर्माण करने के आरोप रखे गए। कोर्ट ने मामले में वन विभाग के अधिकारियों की संभावित मिलीभगत पर भी सवाल उठाया है। दस्तावेजों और गूगल मैप की तस्वीरों के अनुसार 2015 से 2019 तक क्षेत्र घना हरा इलाका था। 2025 की तस्वीरों में वहां दो बड़े पांच से छह मंजिला भवन दिखाई देने की बात कही गई है। निर्माण के लिए सड़क बनाने और कई पेड़ काटने का भी आरोप है। जंगल में बड़ी मात्रा में मलबा डालने की जानकारी भी अदालत के सामने रखी गई। हाईकोर्ट ने संयुक्त निरीक्षण के लिए जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण के सचिव को निर्देश दिए हैं। निरीक्षण वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और नगर निगम आयुक्त की मौजूदगी में होगा। यदि जरूरी मंजूरियां नहीं मिलीं तो अदालत ने निर्माण तुरंत रोकने के आदेश देने की बात कही है। मामले की अगली सुनवाई 14 सितंबर 2026 को होगी।
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