पुलिस ने एफआईआर दर्ज होने के महज 18 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल कर दी। मामले की जांच तेजी से पूरी की गई। जांच के बाद पुलिस ने आरोपों से जुड़े साक्ष्यों को संकलित किया। इसके आधार पर आरोपपत्र तैयार किया गया। पुलिस ने निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत चार्जशीट अदालत में पेश की। एफआईआर और चार्जशीट के बीच का समय केवल 18 दिन रहा। इतनी कम अवधि में कार्रवाई पूरी होना मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस की त्वरित जांच से आगे की न्यायिक प्रक्रिया का रास्ता साफ हुआ। अब अदालत चार्जशीट में प्रस्तुत तथ्यों और साक्ष्यों पर विचार करेगी। मामले में आगे की कार्रवाई न्यायालय की प्रक्रिया के अनुसार होगी।
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