छत्तीसगढ़ में बिजली की दरों में 13 महीनों के भीतर दूसरी बार बढ़ोतरी की गई है। इस फैसले से घरेलू उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है। अलग-अलग बिजली खपत स्लैब में प्रति यूनिट दरें बढ़ाई गई हैं। 201 से 400 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं पर 50 पैसे प्रति यूनिट तक की वृद्धि हुई है। शून्य से 100 यूनिट वाले स्लैब में भी प्रति यूनिट 50 पैसे तक बढ़ोतरी बताई गई है। लगातार दूसरी बार दर बढ़ने से बिजली उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ गई है। इसके अलावा हाफ-बिल योजना के नियमों में भी बदलाव किया गया है। नियमों में बदलाव के कारण कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल पहले की तुलना में अधिक आने की बात कही जा रही है। इससे घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की संभावना है। बिजली दरों में वृद्धि ऐसे समय हुई है जब आम उपभोक्ता पहले से बढ़ती लागत का सामना कर रहे हैं। नए टैरिफ का असर अलग-अलग खपत के अनुसार उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। हाफ-बिल योजना में बदलाव के चलते रियायत का लाभ लेने वाले उपभोक्ताओं पर भी असर पड़ सकता है। बढ़ी दरों के बाद राज्य में बिजली बिल को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
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