शतरंज में असाधारण उपलब्धि हासिल करने वाले अनिश सरकार को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। अनिश ने महज तीन साल की उम्र में FIDE रैंक हासिल कर इतिहास रचा था। इतनी कम उम्र में यह उपलब्धि उनकी प्रतिभा और शतरंज के प्रति रुचि को दर्शाती है। अनिश की सफलता में उनके माता-पिता के सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने बच्चे की स्वाभाविक प्रतिभा को पहचानने और उसे विकसित करने पर ध्यान दिया। माता-पिता ने अनिश पर उपलब्धि हासिल करने का अनावश्यक दबाव नहीं बनाया। इसके बजाय उन्होंने उसकी रुचि और क्षमता को समझते हुए प्रोत्साहित किया। अनिश की कहानी बच्चों की प्रतिभा को सही माहौल देने की अहमियत बताती है। विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों पर दबाव डालने के बजाय उनकी रुचियों को समझना अधिक प्रभावी हो सकता है। प्रोत्साहन और समझ से बच्चे अपनी क्षमताओं को बेहतर तरीके से विकसित कर सकते हैं। अनिश की उपलब्धि भारतीय परिवारों के लिए बच्चों की परवरिश को लेकर एक महत्वपूर्ण सीख पेश करती है। उनकी कहानी बताती है कि सही समर्थन मिलने पर कम उम्र में भी असाधारण प्रतिभा सामने आ सकती है।
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