ऑस्ट्रेलिया के कालगूर्ली-बोल्डर शहर को कभी खनन गतिविधियों के कारण गंभीर धूल भरी आंधियों का सामना करना पड़ता था। इस पर्यावरणीय समस्या से निपटने के लिए 1970 के दशक में हरित अभियान शुरू किया गया। लगभग 10 हजार डॉलर की अनुदान राशि से पौधारोपण और खदानों के अपशिष्ट को स्थिर करने का काम शुरू हुआ। धीरे-धीरे इस पहल का दायरा बढ़ता गया। समय के साथ 3,500 हेक्टेयर में फैला वन क्षेत्र विकसित किया गया। यह हरित पट्टी आज भी शहर को हवा के साथ उड़ने वाली धूल से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। करीब दो दशकों में धूल का स्तर उल्लेखनीय रूप से कम हो गया। इससे शहर की वायु गुणवत्ता में बड़ा सुधार दर्ज किया गया। हरियाली बढ़ने से स्थानीय परिदृश्य भी अधिक आकर्षक बना। यह परियोजना दीर्घकालिक पर्यावरण संरक्षण और सतत पुनर्वास का सफल उदाहरण मानी जाती है।
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