लोकसभा ने सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 को बिना चर्चा के पारित कर दिया। इस विधेयक का उद्देश्य सर्वोच्च न्यायालय में स्वीकृत न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाना है। सरकार का कहना है कि इससे लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी। न्यायिक व्यवस्था की दक्षता बढ़ाने को भी इसका प्रमुख उद्देश्य बताया गया है। अब यह विधेयक विचार के लिए राज्यसभा भेजा जाएगा। राज्यसभा की मंजूरी के बाद ही यह कानून बनने की प्रक्रिया में आगे बढ़ेगा। सरकार का मानना है कि बढ़ते मामलों के बोझ को देखते हुए न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाना आवश्यक है। इससे सुनवाई की गति में सुधार होने की उम्मीद जताई गई है। सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या में पिछली बार वर्ष 2019 में वृद्धि की गई थी। विधेयक के पारित होने के बाद न्यायिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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