जालंधर में कांट्रेक्ट बस ड्राइवर और कंडक्टरों की हड़ताल के कारण बस सेवाएं प्रभावित हुई हैं। जालंधर डिपो-1 और 2 की करीब 200 बसें डिपो में खड़ी रहीं। केवल सरकारी कर्मचारी ही कुछ बसों का संचालन कर रहे हैं। बस स्टैंड पर यात्रियों, खासकर महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सरकारी बस आने पर यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी और कई महिलाएं दरवाजों पर लटककर सफर करने को मजबूर हुईं। कई यात्रियों को घंटों इंतजार के बाद भी बस नहीं मिल सकी। महिला यात्रियों ने कहा कि उन्हें हड़ताल की जानकारी नहीं थी और अब निजी बसों में किराया देकर जाना पड़ेगा। यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ हड़ताल शुरू की है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में कांट्रेक्ट वर्कर्स को नियमित करना और किलोमीटर स्कीम के तहत नई बसों के टेंडर रद्द करना शामिल है। यूनियन का कहना है कि मांगें पूरी होने तक बस सेवा शुरू नहीं की जाएगी।
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