बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन ने अवामी लीग पर लगाए गए प्रतिबंध की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को गैरकानूनी घोषित कर प्रतिबंधित करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। तसलीमा ने राजनीतिक दलों पर कार्रवाई को लेकर अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के देश छोड़ने की घटना का भी उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने अवामी लीग के कार्यकर्ताओं के खिलाफ कथित कार्रवाई और अत्याचारों का मुद्दा उठाया। तसलीमा का कहना है कि लोकतंत्र में सभी राजनीतिक विचारों को स्थान मिलना चाहिए। उन्होंने राजनीतिक असहमति को दबाने के खिलाफ अपनी राय रखी। अवामी लीग पर प्रतिबंध का मुद्दा बांग्लादेश में राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है। इस मामले को लेकर अलग-अलग पक्षों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। तसलीमा नसरीन के बयान ने इस विवाद को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।
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