छत्तीसगढ़ में सरकारी विभागों के लिए बिजली आपूर्ति व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) ने 1 अगस्त से सरकारी कार्यालयों में प्रीपेड बिजली प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था के तहत विभागों को बिजली उपयोग से पहले निर्धारित राशि जमा करनी होगी। पर्याप्त बैलेंस रहने पर ही बिजली आपूर्ति जारी रहेगी। इस कदम का उद्देश्य सरकारी विभागों पर बढ़ते बकाया बिजली बिल की वसूली करना है। वर्तमान में सरकारी विभागों पर बिजली कंपनी का करीब 3200 करोड़ रुपये बकाया बताया गया है। कंपनी का कहना है कि नई व्यवस्था से भविष्य में बकाया बढ़ने पर रोक लगेगी। प्रीपेड प्रणाली से बिजली भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित होने की उम्मीद है। संबंधित विभागों को नई व्यवस्था के अनुसार आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का मानना है कि इससे राजस्व संग्रह में सुधार होगा और वित्तीय अनुशासन भी बढ़ेगा। फिलहाल यह व्यवस्था सरकारी विभागों के लिए लागू की जा रही है।
Source: Source