हरियाणा में धार्मिक आस्था और कथित पाखंड को लेकर राजनीतिक और धार्मिक विवाद बढ़ गया है। जाट आरक्षण आंदोलन से जुड़े धर्मेंद्र हुड्डा ने एक वीडियो जारी कर कथित पाखंडवाद पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कुछ बाबाओं पर निशाना साधते हुए इसे समाज के लिए नुकसानदायक बताया। हुड्डा ने मनीषा हत्याकांड का जिक्र करते हुए भविष्यवाणी करने वाले बाबाओं की क्षमता पर सवाल उठाए। हांसी स्थित श्री बालाजी धाम के महंत दिनेश पुरी ने हुड्डा के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अपराधों की जांच सरकार और सीबीआई का काम है, किसी धार्मिक व्यक्ति का नहीं। दोनों पक्षों के बयानों के बाद मामला चर्चा में आ गया है। साध्वी देवा ठाकुर ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कथित ढोंगी बाबाओं के खिलाफ कार्रवाई की बात कही। उन्होंने कहा कि सभी धार्मिक संतों को एक नजर से नहीं देखा जाना चाहिए। विवाद के बीच धार्मिक संस्थानों और उनकी गतिविधियों को लेकर बहस तेज हो गई है। राजनीतिक और धार्मिक पक्षों की ओर से लगातार बयान सामने आ रहे हैं।
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