राज्यसभा में NEET विरोध प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अनुपस्थिति और चुप्पी पर सवाल उठाए। खड़गे ने स्पष्ट किया कि उनके बयान का मतलब जवाबदेही के लिए जनता की ताकत से था, न कि किसी तरह की शारीरिक शक्ति से। विपक्षी सांसदों ने पेपर लीक रोकने के लिए बनाए गए नए कानून की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए। कई राजनीतिक दलों ने NEET परीक्षा को रद्द करने की मांग भी दोहराई। बहस के दौरान छात्रों के विरोध प्रदर्शन और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर चिंताएं सामने आईं। विपक्ष ने सरकार से छात्रों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। नेताओं ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की। NEET विवाद संसद में प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बना रहा। सरकार की नीतियों और परीक्षा व्यवस्था को लेकर विपक्ष ने कई सवाल खड़े किए। छात्र हितों को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस देखने को मिली।
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