जम्मू-कश्मीर के राजौरी में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए राइफलमैन सुखप्रीत सिंह का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव बुट्टर बखूहा में किया गया। उन्हें पूरे राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। 21 और 22 जुलाई की मध्यरात्रि में देश सेवा करते हुए उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया। सेना की टुकड़ी उनके पार्थिव शरीर को लेकर गांव पहुंची। बड़ी संख्या में ग्रामीणों और देशभक्तों ने नम आंखों से शहीद को श्रद्धांजलि दी। अंतिम यात्रा के दौरान लोगों ने शहीद के सम्मान में नारे लगाए। उनकी बहन कमलप्रीत कौर ने अंतिम दर्शन के दौरान भावुक गीत गाकर भाई को विदाई दी। चचेरे भाई सैनिक मनदीप सिंह ने उन्हें मुखाग्नि दी। सेना ने शोक धुन और मातमी सलामी के साथ अपने साथी जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की। अंतिम संस्कार में परिवार, रिश्तेदार, ग्रामीण और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। शहीद सुखप्रीत सिंह के बलिदान को क्षेत्रवासियों ने नमन किया।
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