मुंबई पुलिस ने एक वायरल वीडियो को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया है। वीडियो में एक पुलिस अधिकारी और महिला प्रदर्शनकारी के बीच हुई घटना दिखाई गई थी। पुलिस ने कहा कि वीडियो को गलत तरीके से समझा गया है। अधिकारियों के अनुसार प्रदर्शनकारी को नियंत्रित करने के दौरान हुआ संपर्क अनजाने में हुआ था। वरिष्ठ अधिकारियों ने वीडियो की विस्तृत जांच कर तथ्यों का सत्यापन किया। पुलिस ने दावा किया कि फुटेज में अधिकारी की ओर से जानबूझकर किसी गलत व्यवहार के संकेत नहीं मिले। इस मामले को लेकर कुछ नेताओं ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना की थी। कांग्रेस नेता वर्षा गायकवाड़ सहित कई लोगों ने कथित कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। पुलिस ने अपनी सफाई में आरोपों को खारिज किया है। विभाग ने कहा कि घटना की पूरी जांच के बाद ही निष्कर्ष निकाला गया है। वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। मुंबई पुलिस ने लोगों से तथ्यों की पुष्टि के बाद ही राय बनाने की अपील की है।
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