बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए लाठीचार्ज का मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है। राष्ट्रीय आयोग ने घटना का संज्ञान लेते हुए पंजाब के मुख्य सचिव से सात दिनों में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने कहा कि सफाई कर्मचारी समाज का संवेदनशील वर्ग हैं और बल प्रयोग की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। मामले में जिला पुलिस प्रमुख की भूमिका की भी जांच की जाएगी। पुलिस कार्रवाई को लेकर कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने नाराजगी जताई है। भाजपा, कांग्रेस और अकाली दल के नेताओं ने घटना की कड़ी आलोचना की है। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां ने भी पुलिस कार्रवाई का विरोध किया है। सफाई कर्मचारियों की करीब 15 दिनों से जारी हड़ताल के दौरान प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ था। प्रशासन की टीम कचरा हटाने पहुंची थी, जिसका कर्मचारियों ने विरोध किया। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर और अन्य सामान फेंके, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया। झड़प में पुलिसकर्मियों और सफाई कर्मचारियों समेत कई लोग घायल हुए। पुलिस ने करीब दो दर्जन प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। एक महिला को हिरासत में लिए जाने को लेकर भी नया विवाद खड़ा हो गया है।
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