एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने संगत से मीरी पीरी खालसा मार्च में भाग लेने की अपील की है। यह मार्च 24 जुलाई को श्री अकाल तख्त साहिब से शुरू होगा। धामी ने सिख समुदाय से परिवारों सहित इसमें शामिल होने का आग्रह किया। उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब को सिख कौम का सर्वोच्च धार्मिक स्थल बताया। उनके अनुसार वहां से जारी आदेशों का पालन करना हर सिख का कर्तव्य है। उन्होंने मीरी-पीरी सिद्धांत के ऐतिहासिक महत्व को भी बताया। यह सिद्धांत छठे पातशाह श्री गुरु हरिगोबिंद साहिब जी द्वारा स्थापित परंपरा से जुड़ा है। धामी ने कहा कि धर्म और राज के संतुलन का यह प्रतीक है। उन्होंने सिख परंपराओं और संस्थाओं की रक्षा को सामूहिक जिम्मेदारी बताया। मार्च की शुरुआत श्री अकाल तख्त साहिब में श्री अखंड पाठ साहिब के भोग के बाद होगी। कार्यक्रम को लेकर संगत में उत्साह देखा जा रहा है।
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