आदिवासियों की जमीन पर कथित कब्जे और अवैध हस्तांतरण के मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान प्रशासन की रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं। हाईकोर्ट ने स्टेटस रिपोर्ट को भ्रामक बताते हुए कलेक्टर को तलब किया है। कोर्ट ने अधिकारियों से मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। आदिवासी जमीनों की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर यह मामला सामने आया है। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। याचिका में आदिवासियों की जमीन पर अवैध कब्जे और हस्तांतरण के आरोप लगाए गए थे। सुनवाई के दौरान प्रशासन की कार्रवाई और जांच प्रक्रिया पर सवाल उठे। हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को जवाब देने के निर्देश दिए हैं। मामले में आगे की सुनवाई के दौरान स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। अदालत के इस रुख से आदिवासी भूमि संरक्षण से जुड़े मामलों में सख्ती का संकेत मिला है।
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