हाईवे पर होने वाले कई हादसों के पीछे केवल नींद या थकान ही कारण नहीं होती। विशेषज्ञों के अनुसार, कई बार चालक ‘रोड हिप्नोसिस’ नामक स्थिति का शिकार हो जाते हैं। इस स्थिति में लगातार एक जैसी सड़क और दृश्य चालक के दिमाग पर असर डाल सकते हैं। चालक को जागते हुए भी ध्यान भटकने या प्रतिक्रिया देने में देरी जैसी समस्या हो सकती है। शहडोल के ट्रैफिक पुलिसकर्मी अजयारविंद नामदेव ने इस खतरे के बारे में जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि चमकदार और लंबी सड़कों पर लगातार ड्राइविंग करते समय सतर्कता बनाए रखना जरूरी है। रोड हिप्नोसिस के कारण चालक अनजाने में गलत निर्णय ले सकते हैं। इससे तेज रफ्तार हाईवे पर गंभीर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञ नियमित ब्रेक लेने और आसपास के माहौल पर ध्यान बनाए रखने की सलाह देते हैं। सुरक्षित ड्राइविंग के लिए मानसिक सतर्कता उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी शारीरिक थकान से बचाव। वाहन चालकों को इस कम पहचाने जाने वाले खतरे के प्रति जागरूक रहने की जरूरत है।
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