विंड एनर्जी उद्योग की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक पुराने टर्बाइन ब्लेड का निपटान रहा है। इन फाइबरग्लास ब्लेड को रीसायकल करना बेहद मुश्किल माना जाता है। आयरलैंड में वर्ष 2019 में शुरू हुई एक नई पहल ने इस समस्या का व्यावहारिक समाधान पेश किया है। अब निष्क्रिय हो चुके विंड टर्बाइन ब्लेड का उपयोग पैदल यात्रियों के लिए पुल बनाने में किया जा रहा है। इस पहल के तहत स्टील की जगह ब्लेड से बने मजबूत गर्डर इस्तेमाल किए जा रहे हैं। सबसे पहले इस तकनीक का प्रयोग आयरलैंड के कॉर्क में किया गया। इसके बाद 2025 तक अमेरिका के अटलांटा के पास भी इस मॉडल को अपनाने की योजना बनाई गई। इससे पुराने ब्लेड को लैंडफिल में फेंकने की जरूरत कम होगी। साथ ही निर्माण कार्य में संसाधनों की बचत और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल विंड एनर्जी को अधिक टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। विशेषज्ञ इसे सर्कुलर इकोनॉमी का प्रभावी उदाहरण बता रहे हैं।
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