कभी धीमी और पुरानी परिवहन व्यवस्था मानी जाने वाली ट्राम अब दुनिया के कई शहरों में फिर से लोकप्रिय हो रही है। पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन के रूप में ट्राम को नई पहचान मिल रही है। कोलकाता, जहां भारत का आखिरी सक्रिय ट्राम नेटवर्क बचा है, इसे फिर से मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। शहर में ट्राम को केवल विरासत के प्रतीक के रूप में नहीं बल्कि टिकाऊ परिवहन विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। बढ़ते प्रदूषण और यातायात की समस्याओं के बीच ट्राम एक बेहतर समाधान साबित हो सकती है। आधुनिक तकनीक के साथ ट्राम सेवा को अधिक सुविधाजनक और तेज बनाया जा सकता है। कई वैश्विक शहरों ने ट्राम को दोबारा अपनाकर सफल उदाहरण पेश किए हैं। कोलकाता में भी इस परिवहन माध्यम को नई संभावनाओं के साथ पुनर्जीवित करने की मांग बढ़ रही है। यह पहल शहर की ऐतिहासिक पहचान को बनाए रखने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी मदद कर सकती है।
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