भारत ने अपनी पहली हाइड्रोजन संचालित ट्रेन लॉन्च कर स्वच्छ रेल परिवहन की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसके साथ भारत उन चुनिंदा देशों के समूह में शामिल हो गया है जो हाइड्रोजन ट्रेन तकनीक अपना रहे हैं। जर्मनी नियमित वाणिज्यिक यात्री सेवा में हाइड्रोजन ट्रेनों के संचालन में सबसे आगे है। चीन और जापान भी हाइड्रोजन ट्रेन परियोजनाओं पर तेजी से काम कर रहे हैं। अमेरिका ने इस तकनीक का प्रदर्शन पायलट परियोजनाओं के माध्यम से किया है। यूरोप के कई देश आने वाले समय में हाइड्रोजन ट्रेन सेवाएं शुरू करने की तैयारी में हैं। हाइड्रोजन ट्रेनें प्रदूषण कम करने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने में मदद करती हैं। इन ट्रेनों से पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता घटाने की उम्मीद है। भारत का विशाल रेलवे नेटवर्क हाइड्रोजन तकनीक के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार भारत की पहल वैश्विक स्तर पर इस तकनीक को बढ़ावा दे सकती है। हाइड्रोजन आधारित परिवहन भविष्य की हरित ऊर्जा व्यवस्था का अहम हिस्सा बन सकता है।
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