छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा कि यदि मृत कर्मचारी के परिवार का कोई सदस्य पहले से सरकारी सेवा में है, तो दूसरे सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति का लाभ नहीं मिलेगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस स्थिति में नियुक्ति का दावा स्वीकार नहीं किया जा सकता। याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि उसका सरकारी नौकरी करने वाला भाई अलग रहता है और आर्थिक सहायता नहीं करता। अदालत ने इस तर्क को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि केवल अलग रहने या सहयोग नहीं मिलने से नियमों में छूट नहीं दी जा सकती। इसके बाद अदालत ने याचिका खारिज कर दी। फैसले में अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े नियमों का पालन आवश्यक बताया गया। यह निर्णय भविष्य के समान मामलों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि पात्रता का निर्धारण निर्धारित नियमों के आधार पर ही होगा।
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