शिक्षाविद सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल लगातार 20वें दिन भी जारी है। डॉक्टरों ने लंबे समय तक उपवास के कारण उनकी सेहत को लेकर चिंता जताई है। जांच में पेशाब में कीटोन बॉडी बनने की बात सामने आई है, जिससे शरीर के अंगों पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी स्वास्थ्य स्थिति गंभीर चरण में पहुंच सकती है। वांगचुक ने 20 जुलाई तक जीवित रहने और प्रस्तावित मार्च में शामिल होने का संकल्प जताया है। उनके साथ आंदोलन कर रहे अन्य प्रदर्शनकारियों की हालत भी बिगड़ रही है। कई लोग लंबे उपवास के कारण स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और छात्रों के लिए मुआवजे की मांग कर रहे हैं। आंदोलन से जुड़े लोगों ने अपनी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखने की बात कही है। डॉक्टर लगातार प्रदर्शनकारियों के स्वास्थ्य पर नजर रख रहे हैं। इस बीच प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच मुद्दों को लेकर गतिरोध बना हुआ है।
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