छत्तीसगढ़ कोल लेवी घोटाले में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। मामले में रिमांड पर चल रहे कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल से एजेंसी 52 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन को लेकर गहन पूछताछ कर रही है। पूछताछ का तीसरा दिन होने के बावजूद रामगोपाल अग्रवाल ने अब तक सभी आरोपों से इनकार किया है। ईओडब्ल्यू अब इस मामले में फरार चल रहे सूर्यकांत तिवारी के सहयोगियों की तलाश में जुटी है। एजेंसी लेवी की राशि से खरीदी गई बेनामी संपत्तियों का ब्योरा जुटाने पर भी विशेष ध्यान केंद्रित कर रही है। जांच की दिशा को देखते हुए कयास लगाए जा रहे हैं कि 17 जुलाई के बाद अन्य मामलों में भी कई गिरफ्तारियां हो सकती हैं। ईओडब्ल्यू की टीम इस घोटाले से जुड़े हर एक वित्तीय लिंक को खंगालने में लगी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसी किसी भी आरोपी को बख्शने के मूड में नहीं है। आने वाले दिनों में जांच के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है। फिलहाल ईओडब्ल्यू की टीम ठोस सबूत जुटाने की कोशिश में जुटी है ताकि आरोपियों के खिलाफ पुख्ता केस तैयार किया जा सके।
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