अरविंद चिथंबरम ने हाल ही में ड्रीमहैक अटलांटा में जीतकर 2026 ईस्पोर्ट्स चेस वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई करने वाले पहले भारतीय बन गए। तीन साल की उम्र में पिता को खोने के बाद, अरविंद को उनकी माँ और दादा-दादी ने पाला। उनके दादा के मार्गदर्शन में उन्होंने शतरंज सीखी और कोच आरबी रामेश की देखरेख में वह राष्ट्रीय चैंपियन और शीर्ष खिलाड़ी बन गए। अरविंद की यह उपलब्धि उनकी मेहनत और परिवार के समर्थन का परिणाम है। उनकी माँ का विश्वास और दादा-दादी का समर्थन उन्हें आगे बढ़ने में मदद करता रहा। अरविंद की इस सफलता ने भारतीय शतरंज जगत में新的 ऊँचाइयों को छूने की उम्मीद जगाई है। अरविंद की कहानी प्रेरणा का सource है और यह दिखाती है कि मेहनत और समर्थन से कुछ भी हासिल किया जा सकता है। अरविंद चिथंबरम की यह उपलब्धि भारत के लिए गौरव की बात है।
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